औरास-उन्नाव।सहन की जमीन को लेकर झगड़ा का मुकदमा मृतक व्यक्ति पर कराने को लेकर न्यायालय में परिजनों पर दबाव करके मृतक युवक को हाजिर कराने को लेकर दरोगा ने चार्शीट दाखिल करने के उपरांत न्यायालय के निर्देश पर दोषी दरोगा और अन्य तीन व्यक्तियों पर धोखाधड़ी सहित अन्य मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और प्रकरण की जाँच की जा रही है।
औरास थाना क्षेत्र के मुरौवन टोला निवासी अनवर अपना घर बना कर रहता था और पड़ोसी से घर के विवाद को लेकर कहां शुरू हुई थी औरास थाने की पुलिस के कारस्तानी सामने आई जिसमें एक पक्ष का साथ निभाते हुए तत्कालीन दरोगा सुरेश चंद ने वर्ष 2020 झगड़े मामले को निपटाया और दूसरे पक्ष के दिवंगत बेटे को भी मामले में घसीटते हुए उनके बेटे का नाम मुकदमे में शामिल कर दिया गया था जबकि वसीम वर्ष 2018 में रसूलाबाद अपनी बुआ के यहां बारात में जा रहा था कि इनायतपुर बर्रा पेट्रोल पंप के पास टेंपो को पलट जाने से दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और उनका बाप अनवर और पुलिस को लगातार यह बताता रहा कि उनका बेटा अनवर दुर्घटना में मृत्यु हो गई किंतु विवेचक के द्वारा परिजनों की बातों को दरकिनार करते हुए मौज मस्ती में विवेचना करके चार्जशीट को न्यायालय में दाखिल कर दिया और विवेचक कुछ समय बाद उनका स्थानांतरण हो गया और दरोगा का सेवानिवृत्ति भी हो गई
पिता की शिकायत पर कोर्ट ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए पुलिस के द्वारा बीते मंगलवार को आरोपित दरोगा समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया और कोर्ट में दायर किए बाद में बताया कि कस्बे में हेमनाथ, नौशाद और चमरौधा निवासी मदन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास सार्वजनिक शौचालय और रैन बसेरा निर्माण के दौरान झगड़ा हुआ था दूसरे पक्ष ने हल्का दरोगा सुरेश चंद से सांठगांठ करके अनवर और बेटों मजीद, साजिद व वसीम के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल करवा दी थी अनवर ने दरोगा को बताया कि वसीम की नई 2018 को सड़क हादसे में मौत हो गई औरास पुलिस ने पोस्टमार्टम भी कराया था दरोगा ने परिजनों की एक भी बात नहीं मानी और 20 मार्च 2020 को मुकदमा पंजीकृत कर दिया था अनवर के मुताबिक दरोगा ने सभी के आधार कार्ड की फोटो कॉपी मांगी जो उन्होंने दे दिया था इसके बाद दरोगा ने वसीम के आधार कार्ड पर मजीद का अंगूठा जबरदस्ती लगवा लिया था चार्ज शीट को 16 अप्रैल 2020 को दाखिल कर दी थी परिजनों ने 16 दिसंबर 2021 को कोर्ट में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई शिकायत पर कोर्ट ने कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय को डाक से भेजी गई लेकिन सांठगांठ के चलते पुलिस के द्वारा उस आदेश पर कोई कार्रवाई संभव नहीं हो सकी 13 जनवरी 2022 को कोर्ट में फिर शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी मामले को संज्ञान में लेकर आरोपित दरोगा व अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा स्थानीय पुलिस ने करके जाँच शुरू कर दिया है। वही पुलिस ने 2 मई 2022 को टैम्पो को रोक कर फर्जी के मामले मे शान्ति भंग मे चालान कर दिया गया था।

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