यूपी विधानसभा में का बजट सत्र चल रहा है. गुरुवार को योगी सरकार 2.0 का पहला बजट भी पेश हो गया. हालांकि इस बजट सत्र से अलग भी एक ऐसी घटना हुई, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. विधानपरिषद में योगी सरकार के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद (Sanjay Nishad) फूट-फूट कर रोने लगे. वे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) सरकार में एक घटना के दौरान हुई अपने भाई हत्या और उसके बाद खुद को जेल में डाल दिए जाने की घटना को याद कर रहे थे.
क्या बोले मंत्री?
यूपी विधानपरिषद में मंत्री संजय निषाद गुरुवार को फूट-फूट कर रोए. वे उस समय 7 जून 2015 को सपा सरकार में हुई घटना को याद कर रहे थे. मंत्री ने कहा,"तब मेरे कार्यकर्ताओं पर गोली चलाई गई. जिसमें मेरे भाई की हत्या हो गई और मुझे 302 का बंदी बनाकर बेवजह जेल में रखा गया. तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेरी सुध ली और हमारी जातियों के विकास के लिए सुध ली."।
उन्होंने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों को देश में रहने का अधिकार नहीं है. ऐसे लोगों को प्रदेश में राजनीति करने का अधिकार नहीं है. तब हमें खूब प्रताड़ित किया गया था. मैं कैसे जिंदा हूं, केवल मैं जानता हूं.
क्या है सीएम योगी से मांग?
संजय निषाद ने कहा, "मेरे साथी भी जेल में थे तो कोर्ट ने माना की गोली पुलिस ने चलाई थी. मैं चाहता हूं कि इस घटना की जांच हो और सारे लोगों को न्याय दिलाया जाए.।
मैं धन्यवाद दूंगा सीएम योगी को जो हमारे समाज के लिए आगे आए है." बता दें कि मंत्री संजय निषाद ने विधानपरिषद में इस घटना का जिक्र कर सरकार से जांच करवाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की मांग कर रहे थे. फर्जी मुकदमों में फसाये गए निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं से मुकदमों हटाने की अपील भी की.

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