समाजवादी पार्टी आजमगढ़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पूर्व सांसद बलिहारी बाबू के पुत्र सुशील आनंद को प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि शुक्रवार को इसके लिए पार्टी की ओर से किसी को फार्म बी जारी नहीं किया गया है पर माना यह जा रहा है कि सुशील के नाम पर आलाकमान मुहर लगा चुका है।
सपा अभी तक इस सीट पर डिंपल यादव अथवा रमाकांत यादव को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि रमाकांत ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया और उन्होंने बदली सियासी परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने यहां से दलित उम्मीदवार उतारने का प्रस्ताव रखा। इस पर बलिहारी बाबू के बेटे सुशील आनंद का नाम पहले स्थान पर लिया जा रहा है। बलिहारी बाबू बामसेफ के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि जल्द ही सूची सार्वजनिक की जाएगी। कई नामों पर विचार चल रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि दलित उम्मीदवार के जरिए यादव और मुस्लिम वोट बैंक की एकजुटता बरकरार रखने के साथ ही दलित वोट बैंक को भी जोड़ने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि बसपा गुड्डू जमाली को मैदान में उतारकर मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी की रणनीति पहले ही अपना चुकी है। साथ ही बसपा का भी यहां दलित मुस्लिम फार्मूले पर ही तगड़ा भरोसा है।
सपा की समीक्षा बैठक आज
समाजवादी पार्टी विधान सभा चुनाव के हार के कारणों की शनिवार को समीक्षा करेगी। सभी हारे हुए प्रत्याशियों और जिलाध्यक्षों को सुबह 11 बजे पार्टी कार्यालय बुलाया गया है। सभी को कारणों पर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

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