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मोदी सरकार का जनता को बड़ा तोहफा,गैस सिलेंडर सब्सिडी को बढ़ा कर किया इतनी,जाने

सरकार इस समय गैस सिलेंडर पर गैस सब्सिडी दे रही है, लेकिन इस सब्सिडी का लाभ सिर्फ उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस पाने लाभार्थियों को मिलेगा।वहीं अन्य लोगों को बाजार की कीमत पर ही रसोई गैस सिलेंडर खरीदना होगा।

पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन  दौरान कहा कि जून, 2020 के बाद से रसोई गैस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही है। वहीं वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण की तरफ से रसोई गैस को लेकर की गई सब्सिडी की घोषणा उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए लागू है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के ऐलान के साथ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल भर में 12 गैस सिलेंडर पर 200 रूपये गैस सब्सिडी देने का भी ऐलान किया था।

मौजूदा समय में 14.2 किलोग्राम वजन के गैस सिलेंडर की कीमत 1,003 रुपये है। सरकार द्वारा हर महीने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के बैंक खाते में हर सिलेंडर की बुकिंग के बाद 200 रूपये की सब्सिडी भेजी जाएगी। इस हिसाब से एक  गैस सिलेंडर की कीमत 800 रूपये चुकानी पड़ेगी। इसका लाभ उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा। बाकी बचे हुए 21 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन धारकों को बाजार की कीमत पर ही गैस सिलेंडर खरीदना होगा।

वहीं इसी कार्यक्रम के दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सब्सिडी की संरचना ही ऐसी होती है कि उसमें समय के साथ कटौती होती है। उन्होंने कहा, ‘परिभाषा के स्तर पर सब्सिडी में समय के साथ कमी होती है। सरकार धीरे-धीरे पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल पर सब्सिडी खत्म कर चुकी है और जून 2020 से  रसोई गैस सिलेंडर पर भी कोई सब्सिडी नहीं मिल रही है। वैसे सरकार क तरफ से रसोई गैस सब्सिडी खत्म करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

वहीं पिछले एक साल में देखा जाए तो रसोई गैस सिलेंडर 103.50 रुपये महंगा हुआ। वहीं जून 2020 में कीमत 809 रुपये थी। पूरी ने यह भी कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में गैस कीमत बढ़ने के बावजूद गैस उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला जा रहा है।

इसके आलावा पूरी ने उस रिपोर्ट को नकार दिया जिसमें कहा गया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी पहला गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद दोबारा भरवाने के लिए कम संख्या में आ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार  एक साल में सिर्फ एक गैस सिलेंडर भरवाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या साल 2019-20 के 1.81 करोड़ से घटकर 2021-22 में 1.08 करोड़ पर हो गई है। वहीं साल भर में औसतन 3.68 सिलेंडर की प्रति व्यक्ति खपत हुई।

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