राजस्थान के डूंगरपुर जिले में चल रहे लाखों फर्जी राशन कार्ड और अपात्र लोगों के राशन लेने के मामले में अब रसद विभाग काफी ज्यादा सख्त दिखाई दे रहा है. रसद विभाग ने दो बार अभियान चलाते हुए जिले भर में 1 लाख 99 हजार 426 लोगों के नाम एनएफएसए की सूची से बाहर कर दिए है. मौत होने और शादी होने के बाद भी इन लोगों के नाम राशन कार्ड में जुड़े हुए थे और फर्जी तरीके से इन लोगों के नाम से राशन उठाया जा रहा था.
डूंगरपुर जिले में रसद विभाग की ओर से एनएफएसए में फर्जी तरीके से राशन उठाने वाले लोगो के नाम हटाने के लिए दो बार अभियान चलाया गया. इस अभियान में सामने आया कि जिलेभर में बड़ी संख्या में लोगों का समय-समय पर कामकाज और अन्य सिलसिले को लेकर पलायन होता रहता है ऐसे में उनके नाम से फर्जी तरीके से राशन स्थानीय परिवार उठाते हैं जबकि लाभार्थी को इसका फायदा नहीं मिलता.
इसी तरह कई लड़कियों की शादी बाहरी जिले में होने के बाद भी उनके नाम अपने पीहर में ही राशन कार्ड के साथ जुड़े रहते हैं और पीहर पक्ष राशन उठाते रहते हैं. कई बार देखने में यह भी आया है कि सरकारी कर्मचारी के भी नाम राशन कार्ड में होने से उनके परिवार गलत तरीके से राशन उठा रहे थे. वहीं कई दिवंगत लोगों के नाम भी लंबे समय से राशन कार्ड में दर्ज होने से उनके खाते का राशन भी परिवार उठा रहे है. इन तमाम प्रकरणों के अलावा कई परिवार ऐसे हैं जिनके दोहरे और तिहरे राशन कार्ड भी बने हुए हैं.
एक लाख 99 हजार 426 लाभार्थियों के नाम हटाए
रसद विभाग डूंगरपुर ने पहले चरण में एक जुलाई 2020 से 30 अक्टूबर 2020 के बीच अलग-अलग श्रेणियों के कुल 54 हजार 66 लाभार्थियों के नाम डिलीट किए गए. अब एक बार फिर अभियान चलाया गया है और इस दूसरे चरण की शुरुआत 1 नवंबर 2020 से शुरू हुई थी जो अब भी जारी है. इस दूसरे चरण में अब तक 1 लाख हजार 360 लाभार्थियों के नाम डिलीट किए गए हैं, ऐसे में अब दोनों अभियान को मिलाकर कुल एक लाख 99 हजार 426 लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा के लाभ से बाहर कर दिया गया है. वहीं देखने में आया है कि इस पूरी प्रक्रिया में अवैध रूप से लाभ लेने की बड़ी वजह कई परिवारों के दोहरे और तीरे राशन कार्ड भी थे ऐसे में जांच के बाद 7702 राशन कार्ड भी डिलीट किए गए है.
किस श्रेणी में कितने अपात्र हटाए गए
1- मृत्यु - 55 हजार 286
2- विवाह - 50 हजार 949
3- स्थाई रूप से पलायन - 35 हजार 910
4- दोहरे राशन कार्ड में नाम - 41 हजार 712
5- स्पष्ट अपात्र या राज्यकर्मी - 15 हजार 567
राज्य सरकार ने नए नाम जोड़ने का भी ऐलान हालिया राज्य बजट में किया है लेकिन सालों से गलत तरीके से गरीब और जरूरतमंद परिवार का अनाज डकारने वाले इन अपात्र लोगों को हटाकर रसद विभाग ने उदाहरण पेश किया है. वहीं आगे भी यह अभियान जारी रहेगा जिससे जरूरतमंद भूखा नहीं सोए और सरकार पर आ रहा करोड़ो रूपए का फिजूल का आर्थिक भार भी रूके.

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