समाजवादी पार्टी (SP) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के नेता इन दिनों एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी कर रहे हैं. इसी कड़ी में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) पर हमला बोलते हुए कहा है कि वे हवा हवाई राजनीति करते हैं, बयान बहादुर बनते हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर की पार्टी विचार शून्य है, अगर विचारों से लैस होते तो गठबंधन को हंसी मजाक का विषय नहीं बनाते.
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा "राजनीति हिस्सेदारी की होती है या विचारों की होती है. ओम प्रकाश राजभर की पार्टी 20 साल पुरानी है. अपने बलबूते कभी एक भी विधायक नहीं जीता सके. बीजपी से गठबंधन में उनके चार विधायक जीते थे, जबकि सपा गठबंधन में छह विधायक जीते. ओम प्रकाश राजभर को पहले से हिस्सेदारी कहीं ज्यादा मिली और साथ में सीट भी ज्यादा जीती."
वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने कहा कि सपा नेता खुद अपनी सीट नहीं जीत पाए. वह बीजेपी से मलाई खाकर सपा में आ गए. अरुण ने कहा कि अपने इलाके में स्वामी प्रसाद मौर्य एक भी सीट नहीं जिता सके.
गौरतलब है कि इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ओम प्रकाश राजभर पर निशाना साधा था.उन्होंने कहा था, "मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ बुरे शब्द बोलने के बाद उनका सामना नहीं कर सकता. साथ ही, मैं उस भाषा का उपयोग नहीं कर सकता जो ओम प्रकाश राजभर इस्तेमाल करते हैं." अखिलेश यादव ने कहा कि उनके और उनके नेताओं की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली की चिंता बीजेपी को करनी चाहिए.
सुभासपा नेता और अखिलेश के बीच तनातनी जारी
राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही यूपी में सुभासपा प्रमुख और अखिलेश यादव के बीच तनातनी जारी है. ओपी राजभर, अक्सर अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहते रहे हैं कि वह एसी से बाहर निकल कर राजनीति करें. ओपी राजभर के जुबानी हमलों को थमते ना देख, सपा ने बीते दिनों एक चिट्ठी जारी की

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